नवाचार

 के वि चित्रकूट द्वारा की जाने वाली अच्छी प्रैक्टिस

विद्यार्थियों के ज्ञान को बढ़ावा देने के लिए, शिक्षकों द्वारा विषयवार एक निश्चित टॉपिक पर सुबह की प्रार्थना सभा में व्याख्यान देने का प्रैक्टिस शुरू किया गया है। पाठों में दिये गये टॉपिक्य को छोड़कर सामान्य मुद्दों पर बोलने पर जोर दिया जाता है।  कठिन पारिभाषिक शब्दों को सामान्य बोलचाल की भाषा में बताया जाता है ताकि सभी कक्षाओं के बच्चों को फायदा हो सके। इस प्रैक्टिस का मुख्य उद्देश्य विषय को बच्चों के लिए रूचिकर बनाना तथा उनकी कल्पना शक्ति और तर्क शक्ति को बढ़ाना है।

उदाहरण के लिए: - हिन्दी शिक्षकों द्वारा मुख्य रूप से साहित्य के प्रति रूचि जागृत करना या किसी मुहावरे/लोकेक्ति की व्याख्या करना या उसे किसी कहानी में पिरोकर बताना होता है।

विज्ञान शिक्षक दैनिक जीवन मे होने वाले "क्या" की व्याख्या की कोशिश करते हैं।

इनके अलावा स्वस्थ आदतों और दैनिक जीवन की सामान्य जिज्ञासाओं से संबंधित टॉपिक भी लिए जाते हैं।